प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 35 हजार के व्ही की बिजली लाइन टूटने के कारण आग लगी। गनीमत यह रही कि घटना रविवार को हुई, जिसके चलते आसपास की दुकानें बंद थीं और वहां लोगों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कम थी। यदि यही घटना किसी कार्यदिवस पर होती, जब दुकानें खुली रहतीं और व्यापारियों सहित ग्राहकों की भीड़ मौजूद रहती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। विद्युत लाइन टूटने से न केवल आग लगने का खतरा पैदा हुआ, बल्कि करंट फैलने की आशंका से भी लोगों में दहशत रही।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग का वाहन मौके पर पहुंचा और अग्निशमन कर्मियों ने स्थानीयजनों के सहयोग से आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से इसे आसपास की अन्य दुकानों और प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोक लिया गया। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र में बिजली के तारों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
लापरवाही की जांच और विद्युत लाइन की सुरक्षा जरूरी:-
घटना ने घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों से गुजरने वाली उच्च क्षमता की विद्युत लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीयजनों का कहना है कि बिजली की लाइन टूटने जैसी घटना गंभीर जनहानि का कारण बन सकती है। विद्युत विभाग को घटना की जांच कर लाइन टूटने के कारणों का पता लगाना चाहिए। साथ ही क्षेत्र में गुजर रही विद्युत लाइनों, खंभों और अन्य उपकरणों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।
सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद:-
33 हजार के व्ही की विद्युत लाइन टूटने से आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे विद्युत हादसे की आशंका को टालने में मदद मिली। क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था बहाल करने से पहले लाइन की जांच और आवश्यक सुधार किया जाना जरूरी है।
