मुख्यमंत्री ने ली इस वजह से कमिश्नर व सभी कलेक्टरों की बैठक, देखिए यह खबर

हमारा इंडिया न्यूज (हर पल हर खबर) मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' की प्रगति के संबंध में समस्त मंत्रीगण, सांसद, विधायक और कमिश्नर-कलेक्टर्स के साथ निवास से वी.सी. के माध्यम से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।




मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में अत्यंत महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का कार्य प्रारंभ हो गया है। बीते चार दिनों में लगभग 11 लाख पंजीयन हो चुके हैं। जिन जिलों में योजना के तहत आवेदन भरे जाने की प्रगति अच्छी है उनको मैं बधाई देता हूं। मंदसौर, बुरहानपुर, उज्जैन, सीहोर और बालाघाट जिले में प्रगति अच्छी है। सिंगरौली, सतना, पन्ना, गुना और मुरैना जिले में स्थिति ठीक नहीं है, ऐसे अन्य जिलों में भी ध्यान देकर आवेदन भरवाने का कार्य किया जाए। 


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कम प्रगति वाले जिलों के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजना के तहत आवेदन भरवाये जाने का कार्य गंभीरतापूर्वक किया जाये। उन्होंने सिंगरौली और गुना जिले के कलेक्टर्स को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में प्रगति कम है, वे जिले समस्याओं का समाधान कर प्रगति बढ़ायें। यह एक अतिमहत्वपूर्ण योजना है, इसके क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।




मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं इस योजना की 3 दिन बाद फिर से समीक्षा करूंगा। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा होती रहेगी। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही करने की हिदायत दी।


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हर गांव और हर वार्ड में आवेदन भराए जाना प्रारंभ कर दिए जाएं। अभी 4931 ग्राम पंचायत और 807 नगरीय वार्ड में आवेदन भराए जाने की प्रगति शून्य है, जो चिंताजनक है। हर हालत में प्रगति बढ़ायी जाए। उन्होंने कहा कि बहनों के आवेदन बिना कोई असुविधा के भराए जाएंगे।


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अच्छी प्रगति वाले जिलों के कलेक्टर्स से भी जानकारी ली। उन्होंने मंदसौर, बुरहानपुर, उज्जैन, सीहोर और बालाघाट के कलेक्टर्स को बधाई देते हुए कहा कि अन्य जिलों के अधिकारी भी अच्छी प्रगति वाले जिलों से प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं इस योजना में सहयोग करें, अन्यथा वे योजना के लाभ से अपात्र मानी जाएंगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि सब मिलकर योजना के क्रियान्वयन में लग जायें। ई-केवायसी मित्र बनाकर भी सहयोग लिया जाये। शिविरों का प्रचार-प्रसार कर आवेदन भरवाये जाएं।


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह की बहनों को ई-केवायसी के कार्य में जोड़ा जाए। पंजीयन में आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जाए। हर वार्ड और गांव-गांव में योजना का प्रचार-प्रसार कराया जाये। नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता वाहनों और ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन और वाहनों के माध्यम से भी प्रचार हो। ई-केवायसी के लिए अधिक से अधिक वॉलिंटयर्स का उपयोग करें। कलेक्टर्स जनसहयोग और किराए के वाहन लेकर प्रचार-प्रसार करवाएं। सभी कलेक्टर्स बैठक कर योजना की प्रगति बढ़ाएं और योजना का बेहतर क्रियान्वयन करें।


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कलेक्टर्स को योजना के तहत नवाचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का कार्य पुण्य और पवित्र कार्य है। इसलिए एक टीम के रूप में जनप्रतिनिधि, समाज और प्रशासन के अधिकारी कार्य करें।

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