मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियनों का तबादला, ब्लड बैंक में लैब असिस्टेंट-अटेंडेंट की तैनाती पर उठे सवाल



हमारा इंडिया न्यूज (हर पल-हर खबर) मध्यप्रदेश/जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में जारी एक आदेश के बाद ब्लड बैंक की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा जारी आदेश दिनांक 26 फ रवरी 2026 में कई लैब टेक्नीशियनों को उनके वर्तमान कार्यस्थल से हटाकर अन्य विभागों में पदस्थ कर दिया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर लैब असिस्टेंट और लैब अटेंडेंट को ब्लड बैंक में तैनात किया गया है।
सूत्रों के अनुसार ब्लड बैंक जैसे संवेदनशील विभाग में प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन की आवश्यकता होती है, क्योंकि यहां खून की जांच, क्रॉस.मैचिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं अत्यंत सावधानी से की जाती हैं। ऐसे में अनुभवी टेक्नीशियनों को हटाकर कम तकनीकी अनुभव वाले कर्मचारियों को जिम्मेदारी देना मरीजों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।

इन कर्मचारियों के नाम शामिल:-
आदेश में कई कर्मचारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें रविंद्र गर्ग, गुलनाज खान, आलोक रोस्ता, प्रियंका मेहता, सुनील स्टीफ न, रोहित मेहरा, ब्रजेश बर्मन, दिलीप श्रीवास्तव, अखंड प्रताप, पलाश शर्मा, राजेश बर्मन, सुनील पंडित और संजय यादव सहित अन्य कर्मचारियों का स्थान परिवर्तन किया गया है।

अनुभवी कर्मचारी की होती है आवश्यकता:-
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि ब्लड बैंक में कार्य करने के लिए विशेष प्रशिक्षण और अनुभव की आवश्यकता होती है, यदि यहां नए या गैर.तकनीकी कर्मचारियों को लगाया जाएगा तो कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

लैब टेक्नीशियन की तैनाती होना जरूरी:-
कर्मचारियों और जानकारों का कहना है कि इस तरह के निर्णय से मरीजों की जांच और उपचार व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ब्लड बैंक जैसे महत्वपूर्ण विभाग में केवल प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन की ही तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता बनी रहे। वहीं इस संबंध में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है और आवश्यकता के अनुसार कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।

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