पूरे मध्यप्रदेश में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का नाम आने से भाजपा में जान आती दिख रही, कार्यकर्ता से लेकर नेता तक सभी हैं उत्साहित, जानिए आखिर कब होगी घोषणा, देखिए यह खबर



हमारा इंडिया न्यूज (हर पल हर खबर) मध्यप्रदेश। प्रदेश भाजपा में बदलाव की सुगबुगाहट के बीच केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का नाम चर्चाओं में हैं। ऐसी खबरें आ रही हैं कि केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश में चार माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें संगठन की कमान सौंप सकता है। राजनीति में किसी नियुक्ति का जब तक अधिकृत एलान न हो जाये तब तक उस पर भरोसा नही किया जा सकता किन्तु राजधानी भोपाल के सूत्र बताते हैं कि प्रह्लाद पटेल के नाम पर दिल्ली स्तर पर लगभग सहमति बन गई है। किसी भी क्षण घोषणा हो सकती है। 

  




   नवम्बर में सम्भावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह से एक्शन मोड पर आ चुका है। कर्नाटक चुनाव के नतीजों से चिंतित दिल्ली दरबार को मध्यप्रदेश से भी फीडबैक मिला है कि यदि एमपी में सत्ता और संगठन में बड़े बदलाव नही किये गए तो सरकार की वापसी मुश्किल हो सकती है। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रभारियों के जरिये और अपनी निजी एजेंसियों से एमपी को लेकर जो सर्वे कराया है उसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली है, ऐसी स्थिति में दिल्ली की ओर से एमपी को लगभग यह संदेश दे दिया गया है कि जल्द ही संगठन और सरकार स्तर पर सर्जरी की जाएगी। इस बदलाव में कल से केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का नाम सुर्खियों में है। भाजपाई गलियारों में चर्चा है कि उन्हें वीडी शर्मा के स्थान पर प्रदेश संगठन की कमान सौंपने का मन आलाकमान ने बना लिया है। पिछले दो दिनों में अपनी इस मंशा से केंद्रीय नेतृत्व ने एमपी के बड़े नेताओं को अवगत भी करा दिया है। परसों शाम सीएम निवास पर हुई बड़े नेताओं की बैठक के बाद से शुरू हुई सरगर्मी इन पंक्तियों के लिखे जाने तक जारी है। कल सीएम शिवराज सिंह को दिल्ली भी बुला लिया गया है। वैसे प्रदेश अध्यक्ष के लिए प्रहलाद पटेल का नाम आते ही आज दिनभर से पूरे प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह की खबरें आ रही हैं। भाजपा कॉडर बेस पार्टी है, जिसमे वरिष्ठ और कनिष्ठ कार्यकर्ताओं की पूरी एक कतार काम करती हैं। इनके बीच समन्वय बिठाकर काम करने में प्रहलाद पटेल सफल हो सकते है ऐसा संघ के अलावा भाजपा के नेताओं का भी मानना है। राजनैतिक पंडितों का यह भी कहना है कि जब प्रहलाद पटेल को संगठन का चेहरा बनाने की संभावना मात्र से प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दिख रही है तो यदि उन्हें एमपी की सत्ता का फेस बनाया जाता तो क्या परिस्थिति होती। कांग्रेस के सामने प्रहलाद की इस रूप में मौजूदगी बड़ी चुनौती बनकर सामने आ जाती। 


  जानकारों का मानना है कि प्रहलाद पटेल का अनुभव और पूरे एमपी के भाजपाई कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता से पार्टी को निश्चित ही लाभ हो सकता है। अटल बिहारी बाजपेयी सरकार में कोयला राज्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने अपनी सक्रियता और समझ की विशिष्ट छाप छोड़ी थी। इसी अनुभव को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मंत्रिमंडल में स्थान दिया। इस दायित्व के साथ पार्टी ने उन्हें संगठन स्तर पर भी जो जिम्मेदारी दी है उसे वे बेहतर तरीके से निभा रहे है। उनकी छवि पार्टी के भीतर रिजल्ट ओरिएंटेड लीडर की है। एमपी में वे ऐसे नेता है जो अनेक लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़कर विजयी हुए हैं। वर्तमान में वे दमोह से सांसद है। प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व करने की वजह से एक बड़ा वर्ग उनके साथ है। छिंदवाड़ा में कभी कमलनाथ से दो दो हाथ कर चुकने वाले प्रहलाद न केवल महाकौशल बल्कि एमपी के अन्य इलाकों में भी मजबूत पकड़ रखते हैं। वे अपनी कार्यकुशलता की वजह से समाज के हर वर्ग में लोकप्रिय है। सही मायने में वे पीएम नरेंद्र मोदी की सोच को हिंदुत्व के लोकप्रिय चेहरे के रूप में धरातल पर उतार सकने में सक्षम हैं।

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