शिक्षा जैसे मंदिर को कलंकित किया लिटिल किंडम स्कूल ने, बच्चों का किया भविष्य खराब, अभिभावकों ने की स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग



हमारा इंडिया न्यूज (हर पल-हर खबर) मध्यप्रदेश/जबलपुर। न्यू रामनगर अधारताल स्थित लिटिल किंडम स्कूल में अध्ययनरत हैं, जिनका सीबीएसई 10वीं का परीक्षा परिणाम आया तो उन्होंने देखा कि वह सभी विषयों में बेहतर अंक हासिल किए हैं, लेकिन स्कूल के द्वारा कराए गए इन्टरनल असिसमेन्ट और प्रैक्ट्रिकल में उन्हें अच्छे अंक नहीं दिए गए, जो स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, जिसको लेकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ दर्जनों परिजनों ने प्रदर्शन किया और कलेक्टर व शिक्षा अधिकारी से स्कूल की जांच कराते हुए मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए कड़ी से कड़ी कार्यवाही की भी मांग की है। वहीं परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जो बच्चे गोवा ट्रिप में गए थे और उन्होंने स्कूल प्रबंधन को हजारों रूपये दिए गए ऐसे सभी बच्चों ने बेहतर अंक प्रैक्ट्रिकल में हासिल किए हैं।


लगाए आरोप:-
अभिभावकों ने आवेदन में बताया कि अधिकांश छात्रों को मुख्य विषयों में 20 में से केवल 10 अंक तथा अतिरिक्त विषय कंप्यूटर में 50 में से 25 अंक दिए गए। इससे छात्रों का कुल प्रतिशत 12 से 13 प्रतिशत तक कम हो गया। जिन छात्रों के 90 प्रतिशत अंक आने की संभावना थी, वे 77 प्रतिशत तक सीमित रह गए, जबकि 80 प्रतिशत संभावित अंक वाले छात्र 67 प्रतिशत तक रह गए।



महंगी एक्टिविटी से जोड़ा गया:-
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने इन्टरनल असिसमेन्ट अंक शैक्षणिक गतिविधियों के आधार पर न देकर महंगी सह.पाठ्यक्रम गतिविधियों से जोड़ा गया, गोवा ट्रिप के लिए लगभग 12 हजार रुपये, एमयूएन एक्टिविटी के लिए 4 हजार 500 रुपये, एनुअल फं क्शन के लिए 850 रुपये, जैसी गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्रों को पूरे अंक दिए गए, जबकि इनमें भाग न लेने वाले छात्रों को कम अंक दिए गए।



मानसिक स्थिति पर पड़ा असर:-
अभिभावकों ने बताया कि इस व्यवस्था से बच्चों के परीक्षा परिणाम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे उनके मनोबल, उत्साह और पढ़ाई के प्रति लगन पर नकारात्मक असर पड़ा है। कई छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं और इस स्थिति से उबर नहीं पा रहे हैं।

कार्रवाई की मांग:-
अभिभावकों ने कलेक्टर से मांग की है कि स्कूल द्वारा धन के आधार पर अंक देने की कथित व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ  उचित कार्रवाई की जाए तथा छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही अभिभावकों ने छात्रों की मार्कशीट की छायाप्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न की हैं।


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