मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय जबलपुर द्वारा जारी मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार मध्यप्रदेश शासन के उपचर्यागृह एवं उपचार संबंधी संस्थान (पंजीयन तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 (संशोधित 2021) के तहत जिले के निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों के पंजीयन नवीनीकरण की प्रक्रिया वर्ष 2025-26 के लिए पूर्ण कर ली गई है।
जारी जानकारी के अनुसार जिले के कुल 55 अस्पतालों के पंजीयन नवीनीकरण के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से 2 अस्पतालों द्वारा स्वयं बंद करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया, जबकि 1 अस्पताल ने पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन ही प्रस्तुत नहीं किया। वहीं 1 अस्पताल का नगर निगम एवं अन्य विभागों से सत्यापन पूर्ण नहीं होने के कारण नवीनीकरण नहीं किया जा सका। इसके अलावा 1 अस्पताल में निरीक्षण के दौरान आवश्यक स्टाफ उपलब्ध नहीं पाया गया।
इसी प्रकार जबलपुर जिले के कुल 240 क्लीनिकों के पंजीयन नवीनीकरण के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 89 क्लीनिकों द्वारा नवीनीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। वहीं 32 क्लीनिकों द्वारा अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के कारण उनका पंजीयन नवीनीकरण नहीं हो सका।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि जिन अस्पतालों एवं क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण नहीं हुआ है या निरस्त/अस्वीकृत हो गया है, वे तत्काल प्रभाव से नए मरीज भर्ती न करें तथा वर्तमान में भर्ती मरीजों का समुचित उपचार पूर्ण कर उन्हें डिस्चार्ज करें। साथ ही ऐसे संस्थानों का संचालन तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त संबंधित अस्पतालों एवं क्लीनिक संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने संस्थान के बाहर लगे नाम-पट्ट (बोर्ड) को तत्काल हटाएं। आदेश का पालन न करने की स्थिति में मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
CMHO कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्लीनिक संचालक द्वारा निर्धारित समय सीमा में आवेदन प्रस्तुत किया गया है, तो MP Online के माध्यम से पुनः नवीन आवेदन प्रस्तुत कर आवश्यक मानकों की पूर्ति के पश्चात ही पंजीयन प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद ही संचालन प्रारंभ किया जा सकेगा।
(संलग्न: पंजीयन निरस्त/अस्वीकृत अस्पताल एवं क्लीनिकों की सूची कार्यालय द्वारा जारी की गई है।)**













