भारत सरकार पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान स्पेशल गेस्ट जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव से प्राप्त सम्मान पुरस्कार के दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह एवं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर की यह ऐतिहासिक सफलता केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। शहर ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सामुदायिक भागीदारी से वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। जबलपुर का यह मॉडल आज देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
सभी विभागों की रही साझेदारी:-
उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक कीर्तिमान के लिए शहर के नागरिकों के साथ सफाई मित्रों, निगम कर्मियों जिसमें लोककर्म, उद्यान, वर्कशाप स्वास्थ्य और अन्य विभागों के भी सराहनीय साझेदारी रही, जिसके परिणाम स्वरूप स्वच्छ आबोहवा के अंकों में अपने जबलपुर का एक्यूआई लेवल लखनाऊ, भोपाल और इन्दौर से उत्तम रहा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि देश में सबसे उत्तम और बेहतर जबलपुर का एक्यूआई लेवल 77 दर्ज हुआ।
मशीनों से कराई नियमित सफाई:-
उन्होंने बताया कि शहर में वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण उड़ने वाली धूल होती है। इससे निपटने के लिए नगर निगम ने सड़कों की आधुनिक मशीनों (मैकेनिकल स्वीपिंग) से नियमित सफाई शुरू की। इसके साथ ही पानी के छिड़काव और सड़कों के किनारे धूल नियंत्रण के प्रभावी उपायों ने शहर की हवा को साफ और सांस लेने योग्य बनाने में अहम भूमिका निभाई। पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए शहर के हर कोने में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाए गए। पार्कों, डिवाइडरों और खुले क्षेत्रों में नए पौधे लगाकर ग्रीन कवर का विस्तार किया गया। पेड़ों की इस बढ़ती संख्या ने न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाई, बल्कि प्राकृतिक रूप से वायु को शुद्ध करने में भी मदद की।
कचरा जलाने की प्रथा पर लगाई रोक:-
वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए खुले में कचरा या सूखी पत्तियां जलाने की प्रथा पर सख्त रोक लगाई गई। इसके स्थान पर वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को अपनाया गया। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और जैविक कचरे के सही निपटान से जहरीले धुएं से मुक्ति मिली और शहर का वातावरण स्वच्छ बना। शहरी परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-रिक्शा के संचालन को तेजी से बढ़ावा दिया गया। सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने के प्रयासों से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आई, जिससे जबलपुर की वायु गुणवत्ता सूचकांक में अप्रत्याशित सुधार देखने को मिला।
इन्होंने प्राप्त किया सम्मान:-
यह सफलता शहर के नागरिकों के अलावा, नगर निगम के सफाई मित्रों, अधिकारियों और जबलपुर के जागरूक नागरिकों के नि:स्वार्थ योगदान का परिणाम है। इस अवसर पर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने उन सभी का आभार व्यक्त किया है। जिन्होंने संस्कारधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाने का संकल्प में साझेदारी की है। आइए, इस गौरव को बनाए रखने और जबलपुर को और आगे ले जाने के लिए एक नया संकल्प लेते हैं। सम्मान समारोह के दौरान नगर निगम के अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, उपायुक्त संभव अयाची, कार्यपालन यंत्री जी.एस. मरावी, निज सहायक आनंद सिंह आदि भी उपस्थित रहे।
