इस वजह से जबलपुर जिला फिर आया अव्वल, जानिए आखिर ऐसा क्या हुआ


 सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निपटारे में जबलपुर जिले की बादशाहत कायम हैं। इस महीने भी जबलपुर ने छिंदवाड़ा जिले को मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया। बता दें कि राज्यस्तर से जारी इस सूची के टाप-5 जिलों में संभाग के तीन जिले शामिल हैं। कलेक्टर ने इस उपलब्धि के लिए विभिन्ना जिला अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी है।

जबलपुर जिले में सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत एक नवंबर से 30 नवंबर के दौरान 10530 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें से संतुष्टि के साथ बंद करने वाली शिकायतों के वेटेज प्वाइंट 48 रहे। इसी तरह से 50 दिनों से ज्यादा समय से अनिराकृत शिकायतों के समाधान के वेटेज प्वाइंट 15.84 रहे। निम्न गुणवत्ता के साथ बंद शिकायतों के वेटेज प्वाइंट 10 रहे। इस तरह से जिले का कुल वेटेज स्कोर 83.71 रहा। इस सूची में दूसरे स्थान पर फिर एक बार छिंदवाड़ा जिला रहा। जिसका वेटेज स्कोर 82.9 रहा। इस तरह से छिंदवाड़ा जिला जबलपुर से .81 वेटेज स्कोर से पीछे रहा।

संभाग के तीन जिले टाप-5 में

बुधवार की शाम जारी की गई रेटिंग में संभाग के तीन जिले शुरूआती पांच जिलों में शामिल हैंं। इनमें जबलपुर, छिंदवाड़ा के अलावा सिवनी है। सिवनी का वेटेज स्कोर 78.97 है।

इंदौर में थोड़ा सुधार

इस सूची में इंदौर जिले को थोड़ा सा फायदा हुआ है। इंदौर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि डा. इलैयाराजा टी जबलपुर से स्थानांतरित होकर वहीं गए हैं। इंदौर सातवें से छठे स्थान पर पहुंच गया है। इंदौर का वेटेज-स्कोर 77.56 है।

प्रदेश के टाप-10 जिले

क्र. जिला वेटेज प्वाइंट

01. जबलपुर 83.71

02. छिंदवाड़ा 82.9

03. सीहोर 81.99

04. सिवनी 78.97

05. छतरपुर 78.03

06. इंदौर 77.56

07. राजगढ़ 77.21

08. शहडोल 77.12

09. उज्जैन 76.13

10. पन्ना 76.02

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